KNOW FUTURE






KNOW YOUR FUTURE  WITH THE HELP OF DIFFERENT STUDIES

कितने बच्चों का सुख है आपकी किस्मत में



स्वस्थ और मनचाही संतान हर दंपति की चाह होती है। संतान ही दांपत्य की सार्थकता होती है। यदि आप जानना चाहते हैं कि आपको कितनी संतान होगी?तो ये हथेली में उपस्थित पर्वतों के उभार और संतान रेखा से जाना जा सकता है।


- कनिष्ठा या लिटिल फिंगर के नीचे की तरफ प्रणय रेखा से ठीक ऊपर लम्बवत खड़ी रेखाएं दिखाई देती है। जो संतान रेखाएं कहलाती है।

-इनमे से गहरी रेखा पुत्रों की, हल्की रेखाएं हो तो कन्या संतान होती है।

- मंगल पर्वत सबसे सबल हो तो गर्भपात होने के बाद संतान योग बनता है। 

- बुध पर्वत यानी लिटिल फिंगर के नीचे वाला पर्व  सबसे अधिक उठा हो तो चार पुत्र और तीन कन्या होती है, ऐसी दंपति की प्राय: सभी संतान सुशिक्षित और कुल का नाम रोशन करने वाली होती है।

- शुक्र पर्वत मतलब अंगुठे के नीचे वाला पर्वत  सबसे विकसित होता है तो एक पुत्र होता है। कभी-कभी ऐसे जातक संतानहीन ही रह जाते है। 

- शनि पर्वतयानी रिंग फिंगर के नीचे के क्षेत्र पूर्ण विकसित हो तो जातक कभी भी पुत्र सुख प्राप्त नहीं होता है।

- सूर्य पर्वत से कोई रेखा चंद्राकार रूप में उठकर शनि पर्वत तक जाती है तो उस दंपति को कभी संतान नहीं होती।
   


कैसी होगी आपकी जीवनसंगिनी?.


शादी की उम्र के करीब पहुंचते ही हर व्यक्ति अपने जीवनसाथी के बारे में सपने देखता है। विवाह की दहलीज पर खड़े हर व्यक्ति के लिए यह एक बहुत बड़ा प्रश्र होता है कि उसका लाइफ पार्टनर कैसा होगा? यदि आप भी इसी बारे में अक्सर सोचते रहते है, तो यह कोई मुश्किल काम नहीं है जन्मकुंडली को देखकर पता किया जा सकता है कि कैसी होगी आपकी जीवन संगिनी?
- सप्तम भाव पर यदि गुरु या शुक्र की दृष्टी पड़ रही हो तो पत्नी श्रेष्ठ गुणों वाली होती है।


 
- सप्तम भाव में यदि चंद्र हो उस पर किसी पाप ग्रह की दृष्टि ना पड़ रही हो तो सुन्दरजीवन संगिनी मिलती है।- सप्तम भाव में बृहस्पति, शुक्र, चन्द्र इनमे से कोई ग्रह हो तो पत्नी श्रेष्ठ और गुणी होती है।- सप्तम में शुक्र शुभ राशि में शुभग्रह के साथ हो तो सुन्दर आंखों वाली होती है।- सप्तम में बुध हो तो पत्नी संावली होती है।- सप्तम भाव में यदि सूर्य हो तो गेहुएं रंग की होती है।- सप्तम भाव में सूर्य, मंगल, बुध व शनि की दृष्टी हो तो कुरूप होने पर भी पत्नी विद्वान और गुणवती होती है।- बलवान बुध सप्तम मे हों तो पढ़ी- लिखी व साधारण सुन्दर पत्नी मिलती है।
देखें अंगुली और जानें स्वभाव
क्या आप जानते हैं कि हस्तज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति के अंगुलियों के सिर्फ अग्रभाग के आकार को देखकर भी उसके बारे में भविष्य कथन किया जा सकता है। आज हम बात कर रहे हैं उसी के बारे में कि कैसे आप सिर्फ किसी की अंगुलियों के आकार को देखकर भी जान सकते है उसका स्वभाव और भविष्य

तीखी अंगुलियां- तीखी अंगुलियों के अग्रभाग तीखे होते हैं, वे लोग समाज में अग्रणी होती हैं। ऐसे व्यक्ति दार्शनिक होते हैं। बहुत समझदार होते हैं। इनके जीवन का सफलता कम ही रहती है क्योंकि ये लोग अक्सर कल्पनाओं में खोए रहते हैं।

चपटी अंगुलियां- चपटी अंगुलियां कार्यकुशलता और फूर्ती का की सूचक होती है। ऐसे व्यक्ति अपने कार्यों में बराबर लगे रहते हैं। ऐसे व्यक्ति आत्मविश्वास से भरपूर होते हैं। आत्मविश्वास के बल पर ही हर काम में सफलता प्राप्त करते हैं। ऐसे लोग हर चीज सीखने का प्रयास करते हैं। अपने कार्यों से समाज में नया योगदान देने में सफल रहते हैं।

नुकीली अंगुलियां- ये अंगुलियां सुन्दर विचारों और सुन्दर कार्यो की ओर ईशारा करती है। इन लोगों के जीवन में उतार - चढ़ाव बने रहते हैं। कभी ये खुशी की चरम सीमा पर होते हैं तो कभी जरुरत से ज्यादा निराश होता है।

वर्गाकार अंगुलियां- जिन व्यक्तियों के हाथों वर्गाकार अंगुलियां होती है।व्यक्ति जीवन में हर काम प्लानिंग के साथ करते हैं। ऐसे लोग अपनी हर एक योजना पर बहुत ज्यादा सोच विचार करते हैं। इनके हर काम में नियमितता रहती है इसीलिए ये सफलता प्राप्त करते हैं।


मंगलकारी भी होता है मंगल

शास्त्रों में मंगल को पृथ्वी का पुत्र बताया गया है। इनका रंग सिंदूरी वर्ण का तथा वाहन मेढ़ा बताया गया है। ज्योर्तिमंडल में इन्हें मंगलग्रह के रूप में माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल मनुष्य के रक्त और मज्जा में होता है। इसी से मंगली कुंडली वाले जातक थोड़े गुस्सैल या चिड़चिड़े स्वभाव के होते हैं।- मंगली होने का विशेष गुण यह होता है कि मंगली कुंडली वाला अपनी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाता है।- कठिन से कठिन कार्य वह समय से पूर्व ही कर लेते हैं।- नेतृत्व की क्षमता उनमें जन्मजात होती है।-जल्दी किसी से घुलते-मिलते नहीं परंतु जब मिलते हैं तो पूर्णत: संबंध को निभाते हैं।- अति महत्वाकांक्षी होने से इनके स्वभाव में क्रोध पाया जाता है। परंतु यह बहुत दयालु, क्षमा करने वाले तथा मानतावादी होते हैं।- गलत के आगे झुकना इनको पसंद नहीं होता और खुद भी गलती नहीं करते।- उच्च पद, व्यवसायी, अभिभाषक, तांत्रिक, राजनीति, डॉक्टर, इंजीनियर सभी क्षेत्रों में यह विशेष योग्यता प्राप्त करते हैं।- विपरित लिंग के लिए यह विशेष संवेदनशील रहते हैं, तथा उनसे कुछ विशेष आशा रखते हैं। इसीकारण मंगली कुंडली वालों का विवाह मंगली से किया जाता है।

खूबसूरत होते हैं वो लोग जिनकी कुंडली में...


कहते हैं सुन्दरता अपने आप में एक खजाना है। जिसको भगवान ये खजाना देता है वह लोगों को सहज ही अपनी तरफ आकर्षित कर लेता है। इसलिए हर इंसान चाहता है कि वह सुन्दर दिखाई दें लेकिन हर व्यक्ति सुन्दर नहीं दिख सकता है क्योंकि ज्योतिष के अनुसार सुन्दरता जन्मकुंडली में बैठे ग्रहों के अनुसार होती है। शुक्र और चन्द्र दोनों ग्रह ज्योतिष में सुन्दरता के प्रतीक माने जाते हैं। जिसकी जन्मकुंडली में ये ग्रह शुभ स्थिति में बैठे होते हैं उन लोगों का व्यक्तित्व सभी को अपनी तरफ आकर्षित करता है। यदि कोई व्यक्ति शुक्र ग्रह से प्रभावित होता है तो उसके नयन नक्श सुन्दर होते हैं। ऐसे ही यदि किसी की कुंडली में चन्द्र उच्च का हो या शुभ प्रभाव देने वाला हो तो यह ग्रह सुन्दरता के साथ ही कामनीयता भी प्रदान करता है। ये दोनों ग्रह जिनकी कुण्डली में शुभ एवं मजबूत स्थित में  हों उन्हें ये दोनों ग्रह रूप, सौन्दर्य एवं कोमलता प्रदान करते हैं।

- यदि कुंडली में शुक्र एवं चन्द्र की युति हो तो सुन्दरता मिलती है लेकिन, इनमें ध्यान देने वाली बात यह होती है कि इन दोनों ग्रहों की युति किस भाव एवं राशि में हो रही है। ग्रहों की दृष्टि तथा अन्य ग्रहों का इनपर प्रभाव भी काफी मायने रखता है।

- चन्द्र ,शुक्र की युति और सौन्दर्य चन्द्र एवं शुक्र की युति किसी भाव में होने पर आमतौर पर यह माना जाता है कि व्यक्ति सुन्दर एवं आकर्षक होगा. परंतु, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार चन्द्र शुक्र की युति किस राशि में हो रही है यह सौन्दर्य में विचारणीय होता है।

- शुक्र की राशि में शुक्र चन्द्र की युति वृष एवं तुला शुुक्र की राशि होती है. शुक्र जब अपनी राशि में होता है तो शुक्र की स्थिति मजबूत होती है. शुक्र चमकीला ग्रह है इसके साथ चन्द्र की युति होने से व्यक्ति का रंग गोरा एवं निखरा होता है. इनकी त्वचा दुधिया गोरापन लिये होती है. व्यक्ति बहुत ही आकर्षक होता है. 

- चन्द्र कर्क राशि का स्वामी है। चन्द्रमा यदि शुक्र के साथ अपने घर में बैठा हो तो उसी प्रकार का फल देता है जैसे तुला एवं वृष राशि में शुक्र चन्द्र की युति का फल होता है अर्थात व्यक्ति बहुत ही गोरा एवं आकर्षक दिखता है।ये कोमल एवं मासूम नजऱ आते हैं।

- बुध की राशि में शुक्र चन्द्र की युति मिथुन एवं कन्या राशि बुध की राशि होती है। बुध को भी त्वचा का कारक माना जाता है। बुध की राशि में शुक्र एवं चन्द्र की युति होने पर व्यक्ति सुन्दर तथा मोहक होता है।. इनका कद कुछ लम्बा होता है। नयन नक्श सुन्दर होते हैं परंतु कुछ सांवले दिखाई देते हैं।

- धनु एवं मीन राशि का स्वामी गुरू होता है। गुरू की इन राशियों में शुक्र एवं चन्द्र की युति सौन्दर्य की दृष्टि से बहुत ही अच्छी मानी जाती है। इस राशि में इन दोनों ग्रहों की युति होने से व्यक्ति बहुत ही सुन्दर होता है। शुक्र चन्द्र की युति से शारीरिक बनावट आकर्षक होती है। गुरू के प्रभाव के कारण इनका रंग निखरा होता है। इनकी त्वचा में पीली आभा झलकती है जो इनके सौन्दर्य को बहुत ही मोहक बनाती है।

- मंगल की राशि में शुक्र चन्द्र की युति मंगल की राशि में शुक्र चन्द्र की युति होने पर व्यक्ति खूबसूरत होता है। मंगल का प्रभाव भी व्यक्ति पर दिखता है इसलिए इनका रंग गेहुंआ तथा लालिमा लिये होता है।

- शनि की राशि में शुक्र चन्द्र की युति शनि की राशि मकर एवं कुम्भ है इन शुक्र चन्द्र की युति होने पर व्यक्ति लम्बा होता है। इनका रंग सांवला होता है परंतु इनकी त्वचा में चमक होती है।शरीर थोड़ा रूखा एवं कठोर भी प्रतीत होता है लेकिन, शुक्र चन्द्र की युति के कारण ये सांवले सलोने लगते हैं।

- सिंह राशि का स्वामी सूर्य है।सिंह राशि में चन्द्र एवं शुक्र की युति होने पर व्यक्ति लम्बा होता है।मस्तिष्क उन्नत तथा तेज से परिपूर्ण होता है जिससे यह आकर्षक लगते हैं इनका रंग लालिमा लिए होता है।त्वचा की देख-रेख में कमी करने पर ये सांवले दिख सकते हैं।

हथेली के रंग से जाने कैसे हैं आप?

अपने भविष्य को लेकर जिज्ञासा सभी के मन में होती है। हर व्यक्ति ये जानना चाहता है कि आने वाले कल में क्या होने वाला है? इसलिए ज्योतिष के तरफ लोगों का झुकाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। हस्तज्योतिष भविष्यवाणी सिर्फ हाथ की रेखाएं देखकर ही नहीं बल्कि हथेली की बनावट, अंगुलियों की लंबाई व हथेली का रंग देखकर भी करते हैं। सामुद्रिक ज्योतिष में सटीक भविष्य कथन के लिए त्वचा की प्रकृति व हथेली का रंग भी देखा जाता है। हथेली को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि हर व्यक्ति की हथेली का रंग दूसरे से अलग होता है। हथेली का रंग व्यक्ति के स्वभाव और उसके स्वास्थ्य को बताता है।- हथेली लालिमा लिये हुए है तो यह इस बात का संकेत है कि आप ब्लडप्रैशर की समस्या से परेशान हो सकते हैं। आप अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं छोटी छोटी बातों पर आवेश में आ जाते हैं।- हथेली का रंग बहुत ही पीला है तो आपकी हथेली का रंग कहता है कि आप आपके शरीर में रक्त की कमी हैं संभव है कि आप एनिमिय के शिकार हैं, आप स्वभाव से स्वार्थी हो सकते। हथेली का रंग पीला है तो यह संकेत है कि आप रोगग्रस्त हैं। आपके शरीर में पित्तदोष है। यह बयां करता है कि आपका स्वभाव चिड़चिड़ा है।- हथेली का रंग नीला दिखता है तो आप यह समझ सकते हैं कि आपके शरीर में रक्त संचार की गति धीमी है और हो सकता है कि आपके अंदर आलस्य की भावना हो। हथेली का रंग गुलाबी है तो स्वास्थ एवं स्वभाव दोनों ही दृष्टि से अत्यंत उत्तम है।- हथेली अगर काफी लाल दिखाई देती है तो आपका स्वभाव बहुत ही उग्र हो सकता है आप क्रोध में सीमा से बाहर जा सकते हैं अर्थात मार पीट भी कर सकते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से इस प्रकार की हथेली होने पर आप मृगी रोग से पीडि़त हो सकते हैं।- हथेली गुलाबी और चित्तीदार है तो हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार आपका स्वास्थ्य सामान्य है और आप आशावादी और खुशमिज़ाज व्यक्ति हैं।

राशि रंग का उपयोग कर पाएं सफल


ज्योतिष के अनुसार रंग हर व्यक्ति के जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव डालते हैं। राशि के अनुसार अनुकूल रंग का अधिक उपयोग जीवन को बहुत प्रभावित करता है। यदि अपनी राशि के ग्रहों के अनुकूल रंग का उपयोग करते हैं तो जीवन में हर कार्य में सफलता मिलने लगती है। 

मेष : मेष के लिए लाल, सफेद, गुलाबी तथा हल्का पीला रंग शुभ है।
वृषभ : सफेद, हरा तथा काला क्योंकि शनि इस राशि के लिए अनुकूल होता है।
मिथुन : हरा एवं सफेद इस राशि के लिए योगकारक होता है।
कर्क : सफेद, पीला, लाल क्योंकि मंगल इस राशि के लिए योगकारक होता है।
सिंह : लाल, गुलाबी, हल्का पीला।
कन्या : हरा एवं सफेद।
तुला : सफेद, हल्का नीला, काला क्योंकि शनि इस राशि के लिए योगकारक है।
वृश्चिक : लाल, पीला तथा सफेद
धनु : पीला, लाल, गुलाबी, जामुनी ।
मकर : काला, नीला तथा सफेद। 
कुंभ : काला, सलेटी, नीला, सफेद। शुक्र इस राशि के लिए योगकारक होता है।
मीन : पीला, गुलाबी, लाल तथा सफेद।

पैर के अंगूठे से भी जान सकते हैं भविष्य


किसी भी व्यक्ति के पैर के अंगूठे की आकृति, उसके पंजे का आकार, रेखाओं से उसका स्वभाव बताया जा सकता है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार हाथ के अंगूठे की तरह पैर का अंगूठा भी व्यक्ति के स्वभाव के साथ ही उसका भविष्य भी बताता है।
- यदि पैर का अंगूठा गोल हो और साथ ही लालिमा लिए हुए हो तो ऐसा व्यक्ति उच्च पद को पाने वाला और भाग्यशाली होता है।

- अधिक बड़े अंगूठे को अशुभ माना जाता है। अधिक बड़े अंगूठे वाले भाग्यहीन और स्वभाव से घमंडी होते हैं लेकिन शारीरिक रूप से बलवान होते हैं।
- यदि अंगुठे की नसें दिखाई देती हों तो वह अशुभ होता है। स्त्रियों में भी ऐसा अंगूठा दुर्भाग्य का सूचक माना जाता है।

- यदि किसी व्यक्ति का अंगूठा बहुत छोटा हो तो वह भी अशुभ माना जाता है। अधिक छोटे अंगूठे वाले व्यक्ति जीवन में बहुत क्लेश और दुख भोगता है।

- औसत लम्बाई से अधिक लम्बा अंगूठा भी अच्छा नहीं माना गया है। ऐसे व्यक्ति अधिक खर्चीले होते हैं। यात्रा अधिक करते हैं। ऐसे लोगों के पास पैसा नहीं टिकता है। अक्सर प्यार के मामले में असफलता मिलती है।

- यदि अंगूठा चपटा हो तो व्यक्ति अव्यवहारिक होता है।

- चौकोर अंगूठे वाले व्यक्ति व्यवहारिक मेहनती होते हैं। ऐसे अंगूठे वाला व्यक्ति शारीरिक मानसिक दोनों दृष्टि से संपन्न होते हैं। यदि स्त्रियों का अंगूठा चौकोर हो तो वे अपने पति से द्वेष रखने वाली होती हैं। 


- पांवों में अधिक रेखाओं का जाल होना शुभ नहीं माना गया है। बहुत कम रेखाओं से जातक निर्धन होता है लेकिन पैरों पर स्थित कुछ रेखाएं बहुत ही शुभ फल देने वाली होती है। 

- बांये पांव के अंगूठे के नीचे से निकलने वाली एक छोटी सी रेखा को समृद्धि रेखा माना जाता है। यह रेखा जिन व्यक्तियों के हाथ में होती है, वो लोग धनवान होते हैं। ऐसा व्यक्ति आध्यात्मिक और धार्मिक विचारों वाला होता है। अपने बल पर अपनी पहचान बनाने वाला होता है। 


 
- इस रेखा वाला जातक प्रत्येक कार्य में दूसरे लोगों की तुलना में जल्दी सफलता प्राप्त करता है। उसके जीवन में कभी कोई कमी नहीं आती है। जीवन निरंतर समृद्धि की ओर बढ़ता रहता है।

कई बार अचानक धन लाभ होता है अगर.

ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति की हथेली ही नहीं बल्कि उसके हाथ का आकार व उसकी अंगुलियों की लम्बाई भी उसके बारे में काफी कुछ कहती हैं। यहां तक की किसी व्यक्ति के अंगुली के पोरूओं के ऊपर भी चतुर्भुज, तारे और त्रिभुज जैसे छोटे-छोटे चिन्ह होते हैं, वो भी उसका भविष्य बताते हैं।


चतुर्भुज- यदि अंगुली के पोरुए पर वर्ग या चतुर्भुज का चिन्ह दिखाई पड़ता है।ऐसा व्यक्ति अपनी मेहनत से लक्ष्मी को अपने वश में रखते हैं।आर्थिक दृष्टि से पूर्ण रूप से सुखी व सम्पन्न रहता है।


तारा- अंगुलियों पर तारा या क्रास का चिन्ह हो तो वह व्यक्ति भाग्यवादी और भाग्यशाली होता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में कई बार अचानक धन लाभ होता है।आर्थिक दृष्टि से ये व्यक्ति जीवन में बहुत सुखी रहते हैं।


शंकु - अंगुलियों के ऊपरी भाग मतलब पोरूओं पर यदि शंकु का चिन्ह हो तो ऐसा व्यक्ति मानसिक रूप से बहुत समर्थ और श्रेष्ठ होता है। विपरित परिस्थितियों में भी उन्नति करता रहता है।



अगर चाहिए हर काम में सफलता..



जिंदगी में हर कार्य में सफलता चाहने वालों के लिए ये बहुत जरुरी है कि हर व्यक्ति अपने जन्म लग्र के अनुसार लग्र के अनुकूल देवता का पूजन करें। यदि आप भी चाहते हैं कि आपको अपने हर काम में सफलता मिले तो अपने जन्म लग्र के अनुसार करें देव आराधना


 
मेष लग्र- लग्र के ऊपर जिन लोगों का जन्म है, उनको रवि, मंगल, गुरु, ये ग्रह शुभ फल देते हैं। इसलिए इन लोगों को रवि और गणेश जी की आराधना करनी चाहिए।
वृषभ- इस लग्र वाले को शनि देव की उपासना करनी चाहिए।
मिथुन- लग्र पर जिनका जन्म होगा उनको शुक्र फल देता है। इसलिए वे कुल देवता की उपासना करें।
कर्क- कर्क लग्र वाले लोगों को  गणेश जी और शंकर भगवान की उपासना करनी चाहिए।
सिंह- सिंह लग्र में वाले कुलदेवता का पूजन करें। 
कन्या- कन्या लग्र वाले लोगों को शुक्र शुभफल देता है। इसलिए कुलदेवता की आराधना करें।
तुला- तुला लग्र वाले जातकों को ग्रहों की उपासना करनी चाहिए।
वृश्चिक- वृश्चिक लग्र वाले लोगों के लिए भी ग्रहों की पूजा शुभ फल देने वाली होती है।
धनु- इस लग्र पर जिनका जन्म होता है। उन्हे सूर्य और गणेश की आराधना करनी चाहिए।
मकर- मकर लग्र वाले जातकों को अपनी कुलदेवी और कुबेर की उपासना करनी चाहिए।
कुंभ- कुंभ लग्र वालों के लिए भी कुल देवी की ही आराधना शुभकारी होती है।
मीन- इस लग्र वाले शंकर और गणपति जी की भक्ति करें।


ऐसे तिल नहीं होते शुभ.



ज्योतिष के अनुसार शरीर के अंगों स्थित पर हर तिल व्यक्ति का स्वभाव या उसका भविष्य को बताता है। पैरों के तलवे के भी हर हिस्से पर तिल का अपना अलग प्रभाव होता है।वैसे ऐड़ी पर स्थित तिल के अलावा पैर के तलवे के पर स्थित अधिकतर तिलों को अशुभ फल देने वाला माना जाता है। आज हम आपको ऐसे ही तिलों को बारें में बताने जा रहे हैं।


 
यदि पांव के तलवे में अंगूठे पर बड़ा काला तिल हो तो व्यक्ति को कफ की शिकायत बनी रहती है। साथ में अगर कोई अशुभ चिन्ह हो तो व्यक्ति टी.बी. की शिकायत हो सकती है।


 
पांव के तलवे में अंगूठे के पास वाली पहली अंगुली पर दांये पांव में तिल हो तो दाईं आंख व बायें पांव में तिल हो तो बाईं आंख को खतरा रहता है।


 
यदि पैर की लिटिल फिंगर के पास वाली अंगुली के नीचे की ओर तिल रहता है तो ऐसे व्यक्ति को कान से जुड़ी बीमारियां अधिक परेशान करती हैं।


 
पैरों के तलवों के मध्य भाग से थोड़ा सा ऊपर की ओर तिल हो तो ऐसा व्यक्ति को आंत्र सबंधित रोग परेशान करते हैं।


 
पैर के तलवों के बिल्कुल मध्य तिल हो तो ऐसे व्यक्ति को किडनी से संबंधित रोग होने की संभावना होती है। ऐसे लोगों का मूत्ररोग होने का भी भय रहता है।


 
एड़ी पर यदि तिल हो तो यह व्यक्ति की अनेक व्यापारिक और व्यक्तिगत यात्राओं का सूचक और शुभ चिन्ह है।

अगर बुरे सपनों से हो डर..


हर इंसान सपने देखता है। कुछ हमें याद रहते हैं और कुछ भूल जाते हैं। कुछ सपने बहुत सरल होते हैं जो आसानी से समझ में आ जाते हैं लेकिन कुछ जटिल होते हैं जिन्हें स्वप्न संकेत कहा जाता है।लेकिन कुछ सपने ऐसे होते हैं जिन्हे देखकर मन घबराने लगता है। यदि आप ऐसा कोई अशुभ सपना देखें तो ऐसा क्या करें कि उस सपने के अशुभ प्रभाव से बच सकें। ये आज हम आपको बताने जा रहे हैं।इस तरह के सपने हमें कई बार हमारे जीवन में भविष्य में घटने वाली घटनाओं की तरफ संकेत कर सक्रिय करने की कोशिश करतें हैं लेकिन हम इन्हें समझ ही नहीं पाते। 
- बुरे स्वप्न को देखकर यदि व्यक्ति उठकर पुन: सो जाए अथवा रात्रि में ही किसी से कह दे तो बुरे स्वप्न का फल नष्ट हो जाता है।
- सुबह उठकर भगवान शंकर को नमस्कार कर स्वप्न फल नष्ट करने के लिए प्रार्थना कर तुलसी के पौधे को जल देकर उसके सामने स्वप्न कह दें। इससे भी बुरे सपनों का फल नष्ट हो जाता है।
- अपने गुरु का स्मरण करने से भी बुरे स्वप्नों के फलों का नाश हो जाता है।
- धर्म शास्त्रों के अनुसार रात में सोते समय भगवान विष्णु, शंकर, महर्षि अगस्त्य, कपिल मुनि का स्मरण करने से भी बुरे सपने नहीं आते।

अच्छा नहीं सपने में नाच गाना


मौत जिन्दगी की सच्चाई है। हर व्यक्ति जो जन्म लेता है उसकी मृत्यु निश्चित है।असमय मृत्यु हो जाने से हर व्यक्ति डरता है। भविष्य में क्या घटना घटने वाली है? ये साधारण इंसान के लिए समझना मुश्किल है।



स्वप्न संकेत साधारण इंसानो के लिए भी एक ऐसा माध्यम है जिन संकेतों को समझकर वे भविष्य में होने वाली शुभ-अशुभ घटनाओं को बार जान सकते हैं। स्वप्न ज्योतिष में ऐसे स्वप्नों की जानकारी दी गई है। जो किसी व्यक्ति की शीघ्र मृत्यु की तरफ ईशारा करते हैं।



- जो व्यक्ति स्वप्न में स्वयं को शमशान अथवा पर्वत के शिखर पर बैठकर मदिरापान करता देखता है वह शीघ्र ही मृत्यु को प्राप्त होता है।
- स्वप्न में जो स्वयं को स्याही अथवा तेल शरीर पर लगाकर गधे की सवारी करता देखता है, उसकी निश्चित रूप से मृत्यु हो जाती है।
- जो व्यक्ति लगातार भयानक सपने देखता है, उसके प्राण एक वर्ष के भीतर यमराज हर कर ले जाते हैं।
- यदि कोई स्त्री स्वप्न में स्वयं के सफेद बाल देखती है तो उसका पति से विछोह हो जाता है या उसके पति की मृत्यु हो जाती है।
- यदि स्वप्न में आप स्वयं को यात्रा पर जो हुए देंखे तो यात्रा टाल दें क्योंकि यात्रा में आपकी मृत्यु हो सकती है।
- यदि सपने में शरीर का कोई अंग कटा हुआ देंखे तो निकट भविष्य में किसी परिजन की मृत्यु निश्चित है।
- जो व्यक्ति स्वप्न में स्वयं को हंसता या नाचता हुआ देखता है उसकी हत्या हो जाती है

पति होगा बहुत पैसे वाला अगर


हर लड़की चाहती हैं कि उसे अपने सपनों जैसा धनवान और अच्छा लाइफ पार्टनर असली जिन्दगी में भी मिले। अधिकतर लड़कियों को ये उत्सुकता होती है कि क्या उन्हें मिलेगा वैसा जीवनसाथी जैसा वो चाहती है?  सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार यह पैरों के तलवों पर मौजुद कुछ चिन्ह देखकर पता किया जा सकता है कि क्या आपका विवाह किसी धनवान लड़के से होगा?
- जिस लड़की के पैर के तलवे में चक्र, ध्वजा, स्वस्तिक, पद्म चिन्ह होता है तो उसका पति कोई उच्च पदाधिकारी होता है।
- यदि पैरों के तलवों पर माला या दांई और घुमा हुआ चक्र का चिन्ह हो तो उसका विवाह अच्छे कुल में होता है। पति राजा के समान ऐश्वर्यशाली जीवन बिताने वाला होता है।
- यदि स्त्री के पैरों के तल में शंख, चक्र, या मछली का चिन्ह हो तो पति के पास खूब जायदाद होती है।
- जिस लड़की के पांव के तलवे में स्वस्तिक, छत्र, मगरमच्छ का शुभ चिन्ह हो तो उस लड़की का पति बहुत अमीर होता है।
- यदि लड़की के पांव के तलवे में चन्द्र, सूर्य, नक्षत्र, सिंह, आदि चिन्ह हो तो उसका होने वाला पति अपने कार्य क्षेत्र में बहुत सफल होता है।

उंगली पर बना चक्र बता देगा आपकी किस्मत!

आपने ये तो सुना होगा कि हस्तज्योतिष में हथेली पर स्थित भाग्यरेखा और सूर्य रेखा को देखकर ये बता सकते हैं कि व्यक्ति का आने वाला कल कैसा होगा या कोई कितना भाग्यशाली या पैसे वाला होगा? लेकिन क्या आप जानते है कि किसी के उंगली के पोरों को देखकर भी उसका भविष्य जान सकते हैं तो आइये जानते हैं कि कैसे आप किसी के उंगली पर स्थित चक्र को देखकर जान सकते हैं भविष्य ? 

यदि चक्र उंगलियों के सबसे ऊपर वाले पोर पर हो तो वह व्यक्ति भाग्यशाली व धनवान होता हैं। जिनकी उंगलियों के पोरों पर चक्र होता है, ऐसे लोग अपने निर्णय स्वयं लेने लेने वाले होते हैं। इन्हें अपनी स्वतंत्रता से बहुत प्यार होता है साथ ही स्वभाव से बहुत महत्वाकांक्षी होते हैं। इनके दिमाग में हमेशा कोई न कोई योजना चलती रहती है। ये सेल्फ रिस्पेक्ट वाले होते हैं। 

यदि चक्र अंगूठे पर हो तो ऐसे व्यक्ति ऐश्वर्यवान, प्रभावशाली, दिमाग कार्य में निपुण, पिता के सहयोगी और धन पाने वाला होता है। तर्जनी उंगली में चक्र का निशान हो तो ऐसे व्यक्ति धनवान, प्रभावी, होते हैं। 

मध्यमा उंगली पर चक्र का निशान होने पर व्यक्ति धार्मिक होता है। चूंकि यह उंगली शनि की होती है इस कारण से उन पर शनि ग्रह की कृपा बनी रहती है व उनकी कृपा से ऐसे जातक धनवान भी होते हैं। ऐसे जातकों के बारे में देखा गया है कि वे पराक्रमी, बड़े उद्योग के मालिक, उत्तम ज्योतिषी, तांत्रिक, भी होते हैं। 

अनामिका पर चक्र होना भाग्यशाली जीवन का प्रतीक माना जाता है। ऐसे जातक उत्तम व्यापारी, धनवान, उद्योग में सफल, प्रतिष्ठित, यशस्वी, ऐश्वर्यवान, कुशल प्रशासनिक अधिकारी भी हो सकता हैं।
 

भविष्य में मिलता है पैसा अगर


ज्योतिष के अनुसार सपने, तिल और किसी भी अंग का फड़कना हमारे भविष्य के घटने वाली सम्भावित शुभ और अशुभ घटनाओं की ओर ईशारा करते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि किन अंगो का फड़कना भविष्य में आपके लिए शुभ साबित होगा और होगी धन की बारिश।
- यदि किसी व्यक्ति के सिर में फड़कन हो तो सौभाग्य सूचक माना जाता है।
- जब किसी व्यक्ति का दाहिनी ओर के कंधें में फडफ़ड़ाहट तो उसे बहुत धन सम्पदा मिलती है।
- यदि सिर दोनों ओर से फड़के तो उसे धन की प्राप्ति होती है। मात्र दाहिनी ओर ही फड़के तो किसी यात्रा पर जाना होता है।
- यदि किसी व्यक्ति के दोनों ओर के गाल समान रूप से फडफ़ड़ाएं तो व्यक्ति को अतुल्य धन की प्राप्ति होती है।
- किसी व्यक्ति के दाहिनें हाथ का अंगूठा फडफ़ड़ाता हैं तो धन और यश की प्राप्ति होती है।
- यदि दाहिनी आंख का मध्य भाग फड़के तो व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर धन अर्जित कर लेता है।

तीन कदम की होती है शनि की साढ़ेसाती


शनि की साढ़ेसाती का नाम सुनते ही हर व्यक्ति को टेंशन हो जाता है क्योंकि ये सभी जानते हैं कि किसी की राशि पर साढ़ेसाती लगना यानी ज्योतिष के अनुसार उसका मुश्किल का समय शुरु हो गया है। आने वाले समय की घटनाओं को लेकर तरह- तरह के विचार मन में आने लगते हैं। वैसे शनि की साढ़ेसाती को लेकर जिस तरह के भ्रम देखे जाते हैं। शनि की साढ़ेसाती वैसी नहीं है तो आइये कोशिश करते हैं शनि की साढ़ेसाती के चरणों को समझने की। शनि की साढ़ेसाती के मुख्य रुप से तीन चरण होते हैं। 
पहला कदम - इस चरण में व्यक्ति की आमदनी अठ्ठनी खर्चा रुपय्या हो जाता है। ये समय उस व्यक्ति की दादी पर अधिक भारी रहता है। स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। व्यक्ति अपने आप को बहुत सारी टेंशन्स घिरा हुआ महसूस करता है। मेहनत के अनुसार परिणाम नहीं मिल पाते हैं। जीवनसाथी से अनबन चलती रहती है।
दूसरा कदम - इस चरण में व्यक्ति के जीवन में काफी उतार चढ़ाव आते हैं। परिवार से दूर रहने के योग बनते हैं। रिश्तेदारों की तरफ से नये टेंशन्स मिलने लगते हैं। व्यक्ति बीमारियों से घिर जाता है। न्यायालयीन मामलों में फंसने की संभावना बढ़ जाती है। दोस्तों का सहयोग नहीं मिल पाता है। पैसों की तंगी का सामना करना पड़ता है।
तीसरा कदम - शनि के तीसरे चरण में भी मानसिक चिंताए बनी रहती हैं। हर अच्छे काम में रुकावटें आती हैं। संतान से भी मतभेद के योग बनते हैं। यह अवधि  कल्याणकारी नहीं होती है। 

बहुत कुछ बताता है चेहरे का काला तिल

चेहरे का तिल किसी भी खूबसूरत चेहरे की खूबसूरती को और भी बढ़ा देता है लेकिन तिल सिर्फ चेहरे को आकर्षक ही नहीं बनाते है बल्कि किसी व्यक्ति का स्वभाव और भविष्य भी बताते हैं। चेहरे के हर भाग पर तिल का अपना प्रभाव है। किसी के भी गालों या अधरों पर काला तिल उसकी सुन्दरता में चार चांद लगा देता है। 

- यदि किसी के दोनों आई ब्रो के बीच तिल हो तो ऐसा व्यक्ति लोगों का भला करने वाला और दिल का सच्चा होता है।

- सिर के राइट साइड में पाया जाने वाल तिल समाज में मान-प्रतिष्ठा दिलाने वाला होगा।

- मस्तक पर बीच में पाया जाने वाला तिल उस जातक की फाइनेंशियल कंडीशन को मजबूत बनाता है। 

- गले पर दिखाई पड़ने वाला तिल उस जातक को तेज दिमाग का, पैसा कमाने में सफल व तरक्की करने वाला होता है।

- ठोड़ी पर पाया जाने वाला तिल व्यक्ति को स्वार्थी व समाज से कटा हुआ बनाता है।

- राइट गाल पर तिल उन्नतिशील और मेघावी होने की सूचना देता है।

- लेफ्ट गाल पर तिल शुभ नहीं माना जाता है, ऐसा तिल गृहस्थ जीवन में धन का अभाव बताता है।

- नाक के सीधे भाग पर तिल सुखी, धन संपन्न और नाक के लेफ्ट हिस्से पर तिल मेहनती , कठिनाई से सफलता का सूचक होता है।

- नाक के मध्य तिल हो तो ऐसा जातक स्थिर न रहकर इधर-उधर भटकता रहने वाला होता है।

- दाएँ हाथ पर तिल शुभ व बाएँ हाथ की हथेली में तिल फिजूल खर्च का सूचक होता है।

इस प्रकार तिल भी शुभ-अशुभता के संकेत देते हैं। महिलाओं में लेफ्ट साइड पर तिल शुभ होता है जबकि पुरुषों में राइट साइड पर तिल शुभ होता है।





 
 
 
 

हथेली के नक्षत्र भी बदल देते हैं किस्मत


हथेली को गौर से देखें तो हाथ में कई जगह नक्षत्र या तारे का चिन्ह दिखाई देते है। हथेली में दिखाई देने वाले प्रत्येक चिन्ह का अपना अलग महत्व होता है। हथेली में उपस्थित छोटा सा चिन्ह भी किसी के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। 
यदि सूर्य पर्वत पर नक्षत्र हो तो ऐसे व्यक्ति के जीवन में पूर्ण धन लाभ होता है। भौतिक रूप से उसके जीवन में कोई कमी नहीं होती है।


 
बुध पर्वत पर नक्षत्र का चिन्ह हो, तो ऐसा व्यक्ति एक सफल व्यापारी और सफल साहित्यकार होते हैं।


 
मंगल पर्वत पर यदि नक्षत्र का चिन्ह हो, तो ऐसा व्यक्ति बहुत साहसी होता है।


 
यदि शनि पर्वत पर नक्षत्र या तारे का चिन्ह हो तो ऐसे व्यक्ति का भाग्योदय बहुत जल्दी होता है। ऐसे लोग अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहते हैं।जीवन में इन्हे पूर्ण यश और सम्मान मिलता है।


 
शुक्र पर्वत पर ऐसा चिन्ह हो तो ऐसा व्यक्ति भोगी होता है। पत्नी के अलावा उसके कई अन्य स्त्रियों से संबंध रखता है। और उसकी पत्नी बहुत सुन्दर और स्वस्थ रहती है।


 
यदि गुरु पर्वत पर नक्षत्र का चिन्ह हो, तो ऐसे व्यक्ति अपने जीवन में निश्चय ही अपने जीवन में पूर्ण सफलता प्राप्त कर सकता है। समाज में पूर्ण धन, मान, पद हो तो उसके जीवन में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती। वह निरन्तर उन्नति की ओर आगे बढ़ती है। समाज में सम्माननीय पद प्राप्त होता है।